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अनुभाग-15 (सीलिंग)
क्रम विषय  परिषदादेश संख्या एवम दिनांक
1 उ0प्र0 अधिकतम जोत सीमा आरोपण अधिनियम के अन्तर्गत सीलिंग सीमा से अधिक भूमि रखने वाले खातेदारों की भूमि का सर्वे कराया जाना । संख्या 1677/15सी0-46/2001
दिनांक:06-04-2003
2 मा0 उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिकाओं को एक तिथि में सूचीबद्ध कराकर सुनवाई कराने के सम्बन्ध में।  संख्या- जी-113/15-गा्र0सी0-54/2000
दिनांक:03-06-2003
3 सीलिंग भूमि आवंटियों को कब्जा दिलाया जाना एवं सीलिंग वादों का निस्तारण एवं प्रभावी पैरवी तथा सीलिंग सीमा से अधिक भूमि रखने वाले खातेदारों के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना  संख्या 1615/15सी0-74(1)2006
दिनांक:07-08-2007
4 चकबन्दी कार्य की समाप्ति धारा 52 के प्रकाशन के उपरान्त विभिन्न न्यायालयों में चकबन्दी अधिनियम की धारा-9 के वादों का निस्तारण किये जाने के सम्बन्ध में  संख्या-3230/15सी0-71/2007
दिनांक:03-12-2007
5 चसीलिंग एक्ट को गम्भीरता से लागू कराने तथा कोर्ट के स्थगन आदेश समाप्त कराने के संबंध में  संख्या-306/15सी0/28/2008
दिनांक:06-01-2010
6 दिनांक-19-11-2010 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के कार्यवृत्त के बिन्दु संख्या-67 एवं 68 का उद्धरण  सं0-96/15सी0-54/2000/2010
दिनांक:27-01-2011
7 मा0 सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लम्बित ऐसे सीलिंग से सम्बन्धित वाद जिसमें काफी भूमि निहित हो, में विशेष अधिवक्ता आबद्ध किये जाने के सम्बन्ध में  सं0-ई-60-110/15-सी0/54/2000(एन0सी0)
दिनांक:15-05-2011
8 प्रदेश में घोषित की गयी एक फसली असिंचित भूमि का विशेषज्ञों द्वारा पुनः सर्वेक्षण/जाँच कराकर दो फसली घोषित करने तथा सीलिंग नियमों के अन्तर्गत फालतू भूमि को अन्य दलितों, भूमिहीनों तथा खेतिहर मजदूरों को आवंटित कराये जाने के सम्बन्ध में  सं0-1375/15-सी0-103/95/1995
दिनांक:01-06-2011
9 विभिन्न मा0 न्यायालयों के स्थगत आदेशों में ग्रस्त सीलिंग की बन्दोबस्त हेतु अवशेष भूमि के खारिज किये गये वादों की जानकारी प्राप्त करने के सम्बन्ध में  सं0-2442/15-सी0-49/2011
दिनांक:30-09-2011